Albert Mandoriya, Editor in Chief
Am Live24, ब्रेकिंग न्यूज़
NEET पेपर लीक मामले में जंतर-मंतर पर पिछले 36 दिनों से युवा और छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. कॉकरोच जनता पार्टी ने विरोध को खत्म करने के लिए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही थी. सीजेपी और सरकार के बीच बातचीत के दौरान भी यही मुद्दा छाया रहा था. इसी को लेकर दोनों पक्षों में गतिरोध बना हुआ था.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आखिरकार अपने पद से इस्तीफा दे दिया. जंतर-मंतर पर लगभग पिछले एक महीने से भी ज्यादा समय से विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्र और युवा लगातार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे. शुक्रवार को केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात में भी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग रखी थी. सीजेपी के प्रतिनिधियों का स्पष्ट शब्दों में कहना था कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान बतौर शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे, जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन का दौर जारी रहेगा. शनिवार को प्रधान ने इस्तीफा देते हुए कहा कि उन्हें प्रजातंत्र पर पूरा भरोसा है.
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मेरे युवा साथियों, मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं। मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है।
युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं का सम्मान
मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं। भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ उसके लिए मैं प्रधानमंत्री मोदी का आभार प्रकट करता हूं।









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