By, Albert mandoriya, Editor In Chief, Am Live24
झाबुआ। मामला राजस्व विभाग झाबुआ जिला झाबुआ निवासी- ग्राम नरवालिया तहसील व जिला झाबुआ निवासी- फादर मनोज पिता अगस्तिन खराड़ी, एवं उनकी माता श्रीमती शांतिबाई खराड़ी, प्रकाश खराड़ी द्वारा जोसफ पिता पीटर मंड़ोरिया और उनके बड़े बेटे राजेश (राजू) पिता जोसफ मंडोरिया के निर्देश पर श्री अल्बर्ट मंडोरिया पत्रकार, द्वारा बनाये गए मकान अवैध बताते हुए लगातार कलेक्टर जिला झाबुआ एवं पुलिस अधीक्षक जिला झाबुआ को लिखित शिकायत देते हुए अल्बर्ट मंडोरिया पत्रकार पर दबाव बनाते हुए अवैध रूप से रुपए की मांग करने की गलत मंशा से उक्त आरोपीगण द्वारा अल्बर्ट मंडोरिया पत्रकार को कई दिनों से लगातार मानसिक एवं आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अल्बर्ट मंडोरिया पत्रकार के द्वारा परेशान होकर उक्त कृषि भूमि के संबंध में कानूनी सलाहकारों से परामर्श लेकर उक्त आरोपीगण के विरुद्ध उक्त कृषि भूमि खाता सर्वे की कृषि भूमि की जांच करवाने हेतु लिखित आवेदन कार्यालय तहसील झाबुआ, राजस्व विभाग झाबुआ को दी गई थी राजस्व विभाग द्वारा शिकायत की बिन्दुवार जाँच की गई जाँच प्रतिवेदन में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
राजस्व विभाग झाबुआ के तत्कालीन अधिकारी पटवारियों की मिलीभगत द्वारा उक्त कृषि भूमि उप जाति मंड़ोरिया नाम पर राजस्व रेकॉर्ड में दर्ज हैं आरोपीगण के द्वारा शासन-प्रशासन को गुमराह करते हुए तत्कालीन अधिकारी, पटवारी की मिलीभगत द्वारा उक्त कृषि भूमि का अवैध वंशावली में 1-फादर श्री मनोज खराड़ी, 2-श्रीमती शांतिबाई पति अगस्तिन खराड़ी 3-प्रकाश खराड़ी, 4-बसील खराड़ी, 5-कालू खराड़ी, 6-जेवियर खराड़ी नाम अवैध रूप से राजस्व रेकार्ड में दर्ज करते हुए एक नहीं दो नहीं कई कृषि भूमि खाता सर्वे नंबरों का अवैध वंशावली में बंटवारा/नामांतरण/फौती नामान्तरण करवाया गया यह आरोप नहीं राजस्व जाँच रिपोर्ट में पाया गया सत्य है।
राजस्व विभाग झाबुआ की जांच रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला सच सामने आने के बाद जिला प्रशासन द्वारा आरोपीगण के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही करने के सक्त निर्देश दिए गए हैं फादर मनोज पिता अगस्तिन खराड़ी एवं उनकी माता शांतिबाई खराड़ी प्रकाश खराड़ी के शातिर दिमाग ने यह खेल शासन प्रशासन की आंखों में धूल झोंकते हुए खेला गया हैं । इस षड्यंत्र में शामिल कई बड़े अधिकारी कर्मचारी भी शामिल है। उक्त आरोपीगण के द्वारा उक्त कृषि भूमि का अवैध रूप से बंटवारा/नामांतरण करते हुए उक्त कृषि भूमि में से 2-3 खाता सर्वे की कृषि भूमि अवैध रूप कैथोलिक मिशन पिपलिया को दान में दिया जाना बताया जा रहा है अब प्रश्न यह उठता है कि आरोपीगण के द्वारा फर्जी तरीके से तत्कालीन अधिकारी पटवारी की मिलीभगत से बंटवारा/नामांतरण करवाई गयी कृषि भूमि को दान में दिया गया है ऐसे में आरोपीगण द्वारा कैथोलिक मिशन ईशगढ़ पिपलिया को दान में दी गई कृषि भूमि वैध कैसे हो सकती?
इस फर्जीवाडे के षड्यंत्र में कई अधिकारी कर्मचारी के साथ ही साथ कई लोगो के झूठे गवाह के रूप में भी शामिल होना जाँच रिपोर्ट से स्पष्ट हुआ हैं शासन-प्रशासन से अपील करते हैं कि शासन के साथ धौखा धडी करने के गंभीरता मामले को देखते हुए संबंधित के विरूद्ध तत्काल क़ानूनी कार्यवाही की जाये- अगले अंक में हम सबके हमारे Am Live24, YouTube Channel, एवं Facebook पर लाइव अगले अंक में सच्चाई जानने के लिए चैनल को सब्सक्राइब जरूर कर ले।
यह प्रशासनिक क़ानूनी कार्यवाही का मामला हैं अभी आपको किसी प्रकार से कोई आधिकारिक जवाब नहीं दे सकते– श्री सुनील कुमार डावर, तहसीलदार झाबुआ जिला झाबुआ [म.प्र.]









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