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2.98 करोड़ के घोटाले में EOW की कार्रवाई जनजातीय कार्य विभाग के 4 अफसरों पर FIR

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Albert Mandoriya, Editor in Chief,

Amlive24.com

झाबुआ। जनजातीय कार्य विभाग, झाबुआ में वर्ष 2013-14 से 2019-20 के बीच छात्रावासों व शालाओं के लिए की गई सामग्री खरीदी में करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार हुआ है। ईओडब्ल्यू इंदौर ने जांच के बाद 2 करोड़ 98 लाख 41 हजार 738 रुपए की सरकारी राशि के दुरुपयोग को जांच में प्रमाणित माना है। इसी आधार पर विभाग के 4 तत्कालीन अफसरों पर एफआईआर दर्ज की है।

ईओडब्ल्यू के अनुसार, यह शिकायत अध्यक्ष आदिवासी मोर्चा, झाबुआ सहित अन्य द्वारा की गई थी। उनका आरोप था कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्र-छात्राओं के लिए शासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया और भंडार क्रय नियमों का उल्लंघन कर सामग्री खरीदी की गई। जांच में पाया गया कि वर्ष 2013-14 में छात्रावासों और शालाओं से सामग्री की मांग दर्शाई गई, लेकिन वितरण के संबंध में प्राप्तकर्ताओं के हस्ताक्षर अभिलेखों में मौजूद नहीं थे। वर्ष 2014-15 से 2019-20 के बीच स्थिति और गंभीर पाई गई। कई संस्थाओं के मांग-पत्र पर पालक समिति अध्यक्ष और विकासखंड शिक्षा अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं थे।

बगैर दर निर्धारण और टेंडर के हो गई खरीदी वर्ष 2015-16 से 2019-20 के दौरान खरीदी की गई। कार्यालयों, छात्रावासों और आश्रमों के संचालन के लिए स्टेशनरी, डस्टबिन, शू-स्टैंड, बर्तन सहित अन्य सामग्री की खरीदी बिना टेंडर प्रक्रिया अपनाए, बिना दर निर्धारण किए और भंडार क्रय नियमों की अनदेखी करते हुए की गई। इतना ही नहीं, पूरी खरीदी स्थानीय विक्रेताओं से कर ली गई। इस पूरी प्रक्रिया में सहायक परियोजना प्रशासक (आदिवासी विकास) भारत सिंह की मुख्य भूमिका पाई गई।

इन्हें बनाया गया आरोपी:

आरोपी बनाया गया है। ईओडब्ल्यू इंदौर ने तत्कालीन सहायक आयुक्त प्रशांत आर्य, सहायक परियोजना प्रशासक भारत सिंह, भंडार शाखा प्रभारी अयूब खान और बजट शाखा प्रभारी राघवेंद्र सिसोदिया के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इन्हें धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, अमानत में खयानत और व अन्य धाराओं में

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