Home » E-Paper » RTI में लापरवाही करना PIO को पड़ी भारी ! कर्नाटक सूचना आयोग सख्त, 5 PIO पर 50 हजार का जुर्माना, सैलरी से कटेगा पैसा। RTI में लापरवाही बरतने पर धारा 18 (3) व 20(1) के तहत 50,000/- हजार का जुर्माना।

RTI में लापरवाही करना PIO को पड़ी भारी ! कर्नाटक सूचना आयोग सख्त, 5 PIO पर 50 हजार का जुर्माना, सैलरी से कटेगा पैसा। RTI में लापरवाही बरतने पर धारा 18 (3) व 20(1) के तहत 50,000/- हजार का जुर्माना।

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Albert mandoriya, Am Live 24

India, कर्नाटक सूचना आयोग की कलबुर्गी बेंच ने सूचना के अधिकार अधिनियम-2005 के तहत सूचना प्रदान करने में विफल रहने और आयोग के निर्देशों का पालन न करने के लिए पांच लोक सूचना अधिकारियों पर 10,000-10,000 दस-दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है

केस की सुनवाई करने वाले अधिकारी बी.वेंकट सिंह, राज्य सूचना आयुक्त, कर्नाटक सूचना आयोग, बेंच :- कलबुर्गी बेंच,
सूचना आयुक्त, कर्नाटक आदेशानुसार तारीख :- 08 अक्टूबर 2026
सूचना का अधिकार में
धारा :- धारा 18 (3) और धारा 20 (1) RTI अधिनियम 2005 के तहत
कुल जुर्माना :- 50,000 पचास हजार रुपये प्रति PIO 10,000/- दस हजार रुपये जुर्माना लगाया गया हैं
सूचना आयुक्त, के आदेशानुसार द्वितीय अपील की सुनवाई के दौरान पारित दंडात्मक आदेश, राज्य सूचना आयुक्त कलबुर्गी बेंच बी.वेंकट सिंह ने यह आदेश द्वितीय अपील की सुनवाई के दौरान पारित किया गया हैं जिन अधिकारियों पर जुर्माना लगाया गया हैं।
1 सूर्याकांत :- पूर्व प्रथम डिवीजन सहायक, बसवकल्याण सिटी म्युनिसिपल काउंसिल,
2.  मल्लिकार्जुन :- सचिव, बोलामनदोदी ग्राम पंचायत, रायचूर जिला

3. अभय कुमार :- पर्यावरण अभियंता, कलबुर्गी सिटी कॉर्पोरेशन

4 गुरप्पा नायक :- सचिव, जुमलापुर ग्राम पंचायत, कुश्तगी तालुक
5.  रविकुमार :- सचिव, नागलापुर ग्राम पंचायत, होस्पेट तालुक
सूचना का अधिकाकर
क्या था मामला
RTI आवेदकों ने समय पर सूचना नहीं मिलने पर आयोग में द्वितीय अपील दायर की थी।

आयोग ने PIO को सूचना देने और उसकी पावती आयोग में जमा करने का निर्देश दिया था।

PIO ने न तो सूचना दी और न ही आदेश का पालन किया
कर्नाटक सूचना आयोग का आदेश :- संबंधित उच्च अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि अगले महीने इन अधिकारियों के वेतन से जुर्माने की राशि काटकर आयोग द्वारा बताए गए खाते में जमा कराई जाए और रसीद आयोग में पेश की जाए। लंबित सूचना तुरंत आवेदकों को उपलब्ध कराई जाए।
सभी अधिकारी अगली सुनवाई में आयोग के समक्ष उपस्थित हों।
आदेश का पालन न करने पर धारा 20 (2) के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

“सूचना का अधिकार
यह आदेश उन सभी PIO के लिए सबक है जो सूचना का अधिकार अधिनियम का जानबुझकर पालन न करते हुए आवेदक द्वारा चाही गई जानकारी देने में लापरवाही बरतने हैं एवं सूचना का अधिकार के निर्धारित नियम को हल्के में लेते हैं। ऐसे में धारा 20 का सख्ती से पालन होने पर ही RTI कानून का सम्मान बचेगा।

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