Albert Mandoriya, Am live 24
पार्ट-2
झाबुआ। मामला जनपद पंचायत झाबुआ जिला झाबुआ [म.प्र] की ग्राम पंचायत पिपलिया ईशगढ़ के तत्कालीन सचिव श्री नरवरसिंह भाबोर द्वारा कथित मृतक सबीना मंडोरिया के नाम से मृत्यु प्रमाण पत्र पंजीयन संख्या क्रमांक:D-2015:23-21861-000007 दिनांक:03/12/2015 को जारी किया गया उक्त मृत्यु प्रमाण पत्र फर्जीवाडा कर बनाये जाने की प्राप्त शिकायत की जाँच, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत झाबुआ जिला झाबुआ द्वारा शिकायत की जाँचकर प्रेषित जाँच रिपोर्ट में, जाँच अधिकारी CEO द्वारा अपनी जाँच रिपोर्ट में स्पष्ट लेख किया गया कि श्री जोसफ पिता पीटर मंडोरिया निवासी ग्राम पंचायत पिपलिया ईशगढ़ द्वारा मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने हेतु मृतक सबीना मंडोरिया के पहचान पत्र आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड, आदि दस्तावेज नहीं देते हुए केवल मौखिक एवं लिखित सूचना दिनांक 20/11/2015 के आधार पर श्री नरवरसिंह भाबोर सचिव द्वारा मृत्यु पंजी में नाम दर्ज कर ऑनलाइन मृत्यु प्रमाण पत्र D-2015:23-21861-000007 दिनांक 03/12/2015 को जारी किया गया हैं,
जबकि शासकीय अभिलेख ग्राम पंचायत पिपलिया में मृतक सबीना मंडोरिया नाम के नाम से कोई दस्तावेज शासकीय रेकार्ड में दर्ज नहीं एवं जाँच अधिकारी जाँच प्रतिवेदन में लेख किये गए दस्तावेज भी शासकीय रेकार्ड में दर्ज नहीं पाए गए हैं, यहां तक कि शासकीय अभिलेख मृत्यु पंजी एवं मृत्यु प्रमाण पत्र की भिन्नताओं को भी जांच अधिकारी द्वारा अनदेखा किया गया हैं, ऐसे में जाँच अधिकारी की जाँच रिपोर्ट पर संदेह ही नहीं बल्कि जाँच के नाम पर फर्जीवाड़े पर पर्दा डालना स्पष्ट होता हैं मानो ऐसा प्रतीत हो रहा कि जाँच अधिकारी द्वारा ही उक्त फर्जी दस्तावेज बनवाने की खुली छूट देकर जालसाजी और धोखाधडी करने वाले मास्टरमाइंड आरोपियों को क़ानूनी कार्यवाही से संरक्षण देने का ठेका ले रखा हो,
जबकि इसी मामले में जिला पंचायत झाबुआ जिला झाबुआ CEO द्वारा जनपद पंचायत झाबुआ की जाँच रिपोर्ट के आधार पर श्री बदिया भूरिया,सचिव ग्राम पंचायत बिजलपुर,जनपद पंचायत झाबुआ जिला झाबुआ को दोषी पाते हुए निलम्बित किया गया हैं ऐसे में जाँच पर सवाल खड़े होते है कि श्री बदिया भूरिया सचिव को किन आधार पर निलम्बित किया गया, जाँच रिपोर्ट पर एक प्रश्न चिन्ह हैं कि झूठा आधारहीन शपथ पत्र प्रस्तुतकर्ता श्री हेन्ड्री पिता सकरिया खराडी के शिकायत जाँच में बयान दर्ज नहीं करवाए गए जबकि जाँच रिपोर्ट अनुसार उनके ही शपथ पत्र के अनुसार अनुचित पृविष्टि करना जाँच में पाया गया ,जाँच अधिकारी द्वारा जन्म/मृत्यु पंजीयन अधिनियम 1969 की धारा-15 के पालन में फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र को तत्काल निरस्त करवाने हेतु प्रतिवेदित करना चाहिए परन्तु जाँच अधिकारी द्वारा मृत्यु प्रमाण पत्र को शासकीय अभिलेख से निरस्त करवाने हेतु संबंधित को प्रस्तावित नहीं किया जाना जाँच अधिकारी की जाँच रिपोर्ट पर कई सवाल उठते हैं।
ऐसे में जिला प्रशासन को जाँच अधिकारी द्वारा जाँच में जिन दस्तावेज का उल्लेख किया गया समस्त दस्तावेजो का विधिवत जाँच करना चाहिए आवश्यकता पड़ने पर दस्तावेजो की वैज्ञानिक पध्दति द्वारा निष्पक्ष जाँचकर संबंधित के विरुद्ध क़ानूनी कार्यवाही करना सुनिश्चित करना चाहिए
जाँच अधिकारी द्वारा शिकायत जाँच रिपोर्ट में जिन दस्तावेज का उल्लेख किया गया वह दस्तावेज सूचना का अधिकार में चाहे जाने पर सचिव ग्राम पंचायत पिपलिया ईशगढ़ द्वारा मोबाइल पर जानकारी दी गई कि जाँच अधिकारी द्वारा लेख की गई जानकारी शासकीय अभिलेख में दर्ज ही नहीं हैं आपको जानकारी कहा से दूँ जो जानकारी रेकार्ड में दर्ज हैं वह उपलब्ध करवा सकता हूँ









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